Friday, 17 April 2020

Covid.19

April 17, 2020 0

Dangerous Covid 19

All the citizens of the country are requested that in the second phase of Lokdon, everyone should follow the social order given by the government. Following the rules implemented by the government can make our life happy. Otherwise, one can face a lot of trouble from Lokdon. Because all of you are not unaware that the number of corona virus is increasing day by day. Therefore, we have to defeat this disease by sitting at home. It is not at all wrong to say that life is alive.


Thanks
🙏

CORONA VIRUS

April 17, 2020 0

कोरोना वायरस से खतरा

सभी देश वासियो से अनुरोध है की लोकडोन  के दूसरे चरण में भी सभी लोग आपस में सामाजिक दुरी का पालन करते हुए  सरकार  द्वारा दिए गए आज्ञा का पालन करे। सरकार द्वारा लागू किये गए नियमो का पालन करना हमारे जीवन को सुखमय बना सकता है। नहीं तो लोकडोन से भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्यूकि आप सभी इस बात से अनजान नहीं है कि कोरोना वायरस की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसलिए हमें घर में बैठकर ही इस बीमारी को हराना होगा यह कहना बिलकुल भी गलत नहीं है की जान है तो जहान है। 

धन्यवाद 
🙏

Monday, 13 April 2020

Fight Against Covid 19

April 13, 2020 0

According to the rule imposed by the government, the time of Lockdown can be extended by another 2 weeks. This decision will be implemented for the welfare of the society. Please, we should uphold and respect this decision taken by the government.
It is requested to all the citizens that to avoid the corona virus, everyone needs to maintain social distance. We all should follow this rule and others should also be advised to follow this rule.
By following this rule, we can protect ourselves, our family and our country.

Thanks 

Fight Against Corona Virus

April 13, 2020 0
सरकार के द्वारा लागु किये गए नियम के अनुसार लोकडोन का समय और 2 हफ्ते बढ़ाया जा सकता है। ये फैसला समाज के कल्याण के लिए लागु किया जायेगा। कृप्या करके हमें सयम रखना चाहिए और सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। 
सभी देशवासियो से अनुरोध है की कोरोना वायरस से बचने के लिए सभी को सामाजिक दुरी बनाये रखने की बहुत आवशयक्ता है। हम सब को इस नियम का पालन चाहिए और दुसरो को भी ये नियम पालन करने की सलाह देना चाहिए। 
इस नियम का पालन करके हम अपनी, अपने परिवार और देश की रक्षा कर सकते है। 

धन्यवाद 

Sunday, 12 April 2020

A Story Of Pain (Love Life)

April 12, 2020 0
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम धर्मेंदर साहनी है। 
Hello Friends, My Name Is Dharmender Sahni.

आज मै आपको अपनी लव लाइफ के बारे मे बताने जा रहा हूं। बाकि लाइफ की तरह ये भी काफी परेशानियों से भरी थी। वैसे तो मेरी लव लाइफ में बहुत सारे मोड़ आये पर कुछ ऐसे मोड़ जिसने मेरी लाइफ को बहुत बदल दिया।
Today I am going to tell you about my love life. Like the rest of life, it was also full of problems. Although my love life had a lot of turns, but there were some twists that changed my life a lot.
Start Fourth Part..


मुझे मेरी लाइफ का पहला प्यार 'K' नाम की लड़की से हुआ जो मेरे साथ मेरे पहले स्कूल से कक्षा 12th तक मेरे साथ थी। हम दोनों एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे। और हमेशा साथ रहना चाहते थे। 'K' के साथ बचपन की बहुत सारी ऐसी यादे है जो मै कभी भी नहीं भूल सकता। पर एक बार 12th में  पेपर के  समय जब मै 'K' से मिलने के लिए गया तो उसने मुझे इगनोर  करना शुरु कर दिया।  मेरे पूछे जाने पर भी उसने मुझसे अच्छे से बात नहीं की । उसके बाद भी मैंने कई बार 'K' से बात करने की कोशिश की पर उसने मुझे इगनोर करना शुरू कर दिया था। कुछ समय बाद मुझे पता लगा की उसकी शादी तय हो गयी है। 12th के पेपर खत्म होने के एक साल बाद ही उसकी शादी हो गयी और उससे मेरा साथ हमेशा के लिए छूट गया।

My first love of my life was with a girl named 'K' who was with me from my first school till class 12th. We both liked each other very much. And always wanted to be together. There are many such childhood memories with 'K' which I can never forget. But once when I went to meet 'K' at the time of the paper in 12th, she started ignoring me. He did not speak well to me even when I was asked. Even after that, I tried to talk to 'K' many times, but he started ignoring me. After some time I came to know that his marriage has been finalized. She got married only a year after the 12th paper was over and she was left with me forever.


'K' से साथ छूटने के बाद मै बहुत दुखी रहने लगा और अपने दोस्तों के साथ ड्रिंक सब करने लग गया था। इसके कुछ दिनों बाद मेरे लाइफ में एक लड़की और आयी जिसका नाम 'P' था। मै इससे अपने एक दोस्त के घर पर मिला।  ये दिल्ली में रहती थी। पर अपने किसी परिवार के काम से गुडगाँव आयी हुइ थी। इससे मिलने के बाद मेरा किसी तरह का इससे बात करने का मन नहीं था। जब भी मै अपने दोस्त से मिलने के लिए जाता था तो मेरी उससे मुलाकात हो जाती थी। ऐसे धीरे धीरे मेरी उससे बात होने लगी। पर अचानक एक दिन वो दिल्ली चली गयी। उसके दिल्ली जाने के बाद मेरे लिए सब कुछ नोरमल हो गया था। पर अचानक एक दिन दिल्ली से उसका फ़ोन आया और उससे मेरी बात शुरू हो गयी और मै उससे मिलने दिल्ली आने जाने लगा। पर कुछ समय बाद मेरा उसके साथ भी रिश्ता टूट गया।
After leaving with 'K', I started feeling very unhappy and started drinking drinks with my friends. A few days later, there was a girl in my life named 'P'. I met him at a friend's house. She used to live in Delhi. But had come to Gurgaon from some of his family's work. After meeting this, I did not feel like talking to him in any way. Whenever I went to meet my friend, I used to meet him. Slowly I started talking to him. But suddenly one day she went to Delhi. After he went to Delhi everything became normal for me. But suddenly one day he got a call from Delhi and I started talking to him and I started going to Delhi to meet him. But after some time I also lost my relationship with him.

और फिर उसके बाद मेरी लाइफ में एक 'B' नाम की लड़की आयी। कुछ महीनो तक हमारी बहुत अच्छे से बात हुई। पर कुछ समय बाद किसी कारण से हम दोनों का रिश्ता भी टूट गया। और  किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया या कह सकते है की मै उनके लिए ठीक नहीं था। कुछ न कुछ ऐसे कारण सामने आ जाते थे। जिससे  किसी के साथ भी मेरा रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
And then after that a girl named 'B' came into my life. We talked very well for a few months. But after some time, our relationship also got broken due to some reason. And nobody has supported me or can say that I was not good for them. For some reason or other such reasons were revealed. Due to which my relationship with anyone could not last long.

इन सब के बीच में मेरी लाइफ में एक 'Y' नाम की लड़की थी। जो मेरे साथ स्कूल में पढ़ती थी।  हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। और एक दूसरे को बहुत मानते थे।  उसका तो पता नहीं पर मै 'Y' को बहुत पसंद करता था। मुझे उससे बात करना बहुत अच्छा लगता था। पर इस बात को मै कभी भी उसे कह पाया और नाही उसने कभी मुझे कहा।
In the midst of all this, there was a girl named 'Y' in my life. Who used to study with me in school. We were both very good friends. And believed each other a lot. I don't know about that but I used to like 'Y' a lot. I loved talking to him. But I was never able to say this to him and he never told me.

मेरी लाइफ में मुझे प्यार तो बहुत मिला पर मेरे साथ चलने वाला कोई भी नहीं मिला और मेरी कोई भी लव स्टोरी आज तक कामयाब नहीं हुई। किसी न किसी कारण से मुझे बाद में तकलीफ के सिवा कुछ भी नहीं मिला।
I got a lot of love in my life, but no one could walk with me and none of my love stories have been successful till date. For some reason or the other, I could not find anything except the problem later.


A Story Of Pain Next Parts..
  • बचपन लाइफ
  • Childhood life
  • स्कूल लाइफ
  • School Life 
  • कॉलेज लाइफ
  • Collage Life 
  • जॉब लाइफ
  • Job Life  
  • फर्स्ट मैरिज
  • First Marrige  
  • सैकंड मैरिज
  • Second Marrige   
  • बिज़नेस लाइफ
  • Business Life 
  • थर्ड मैरिज
  • Third Marrige
  • पुलिस केस
  • Police Case 
  • बिज़नेस लाइफ लोस एक करोड़
  • Business Life Loss 10 Million 
  • डिप्रेशन लाइफ
  • Depression Life 
  • माय वेलविशर माय फ्रेंड 
  • My Wellwisher My Friend
  • बिज़नेस लाइफ अगेन एंड प्रॉफिट एक करोड़+
  • Business Life Again and Profit 10 million +

Saturday, 11 April 2020

Protect The Country By Following Lockdown

April 11, 2020 0

Protect the country by following lockdown


All the countrymen are requested to support the decision of Lockdown taken by the government. Because Lockdown is the only way to prevent the corona virus. Corona is a virus that spreads very rapidly due to mutual contact. For the complete prevention of this virus, no medicines have been finalized by the government yet. Therefore it can be prevented from spreading due to locadon.

Stay in Lockdon and follow its rules
🙏

Lock Down Hindi Artical

April 11, 2020 0

लोकडोन का पालन करके देश की रक्षा करे 

सभी देशवासियो से निवेदन है की सरकार द्वारा लिया गया लोकडोन के फैसले का समर्थन करे। क्यूकी लोकडोन ही एक मात्र ऐसा उपाय है जिससे कोरोना वायरस को रोका जा सकता है। कोरोना एक ऐसा वायरस है जो आपसी संपर्क के कारण बहुत तेजी से फैलता है। इस वायरस के पूर्ण रोकथाम के लिए अभी तक कोई भी दवाई सरकार द्वारा फाइनल नहीं की गयी है। इसलिए लोकडोन के कारण इसे फैलने से रोका जा सकता है।

लोकडोन में रहकर इसके नियमो का पालन करे 

धन्यवाद 
🙏

A Dad Killed Son ( Real Life Story) End

April 11, 2020 0

एक पिता ने बेटे को मार डाला (वास्तविक जीवन की कहानी)

A Dad Killed Son (Real Life Story) End

2003


हेलो दोस्तो, मेरा नाम धर्मेंदर साहनी है।  
Hello Friends, My Name Is Dharmender Sahni.

कहानी का दूसरा भाग 
Second part of the story

अगले दिन जब सुबह हुई तो दुपहर तक सब कुछ ठीक था। किसी को भी कोई शक नहीं हुआ था। पर शाम होने के बाद जब घर के दूसरे लोगो ने लालबाबू को ढूंढ़ना शुरू किया तो वो कही भी नहीं मिला। उसकी  पत्नी के पूछे जाने पर उसने कहा की वो पंजाब वापस चला गया है। पत्नी कहे जाने पर सब ने इस बात को मान
लिया और लालबाबू को ढूंढ़ना बंद कर दिया। 
The next day when it was morning everything was fine till afternoon. Nobody had any doubt. But after evening, when other people of the house started searching for Lalbabu, he could not find it anywhere. On being asked by his wife, he said that he has gone back to Punjab. After being called wife, everyone accepted this and stopped searching for Lalbabu. 
ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। पर कुछ दिनों बाद जब घर में बदबू आनी शुरू हो गयी। आस पास के दूसरे घर वालो को बदबू आने लगी तो लोगो ने पूछना शुरु कर दिया की बदबू कहा से आरही है।  पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बदबू तेज होने के कारण वो दोनों बहुत घबरा गए। और फिर उन्होंने एक रात को उस लाश को निकाल के किसी और जगह ले जाने की सोची।
A few days passed like this. But after a few days when the house started smelling bad. When people around the other house started smelling bad, people started asking that where the smell is from. He did not reply when asked. Due to the stench, both of them got very nervous. And then they thought of taking the corpse to another place one night.

 एक रात को उन लोगो ने मिलके लाश निकाल लिया और उस लाश को घर से दूर किसी दूसरे खेत में गाड़ने के लिए चले गए पर रात को वो दोनों दो तीन जगह पर लाश को गाड़ने की कोशिश की पर कोई न कोई उनको खेत में दिखाई दे जाता था। उसके कारण वो लोग कही भी लाश को नहीं गाड़ सके और उस लाश को वापस घर लेके आगये। और सुबह होने से पहले वापस घर में लाश को गाड़ दिया। 
One night those people got the corpse out and went to bury the corpse away from the house in another field, but in the night they both tried to bury the corpse in two or three places but they were seen in the field. used to go. Because of that, they could not bury the corpse anywhere and set the corpse back home and set it on fire. And before dawn, he buried the corpse back in the house.

अगले दिन जब बदबू काफी ज्यादा होने लगी तो गांव के लोगो को शक हुआ। और राजेंदर प्रसाद के घर के आस पास के लोगो का बदबू के कारण रहना मुश्किल हो रहा था। गांव में बहुत शोर हो गया था। गांव में से ही किसी ने पुलिस को फ़ोन कर दिया फ़ोन करने के कुछ देर बाद पुलिस आ गयी। पुलिस के आने के बाद राजेंदर प्रसाद के पुरे घर की तलाशी ली गयी और फिर तलाशी के दौरान पुलिस वालो को घर में दबाई हुए लाश मिल गयी।
The next day, when the stench started getting too much, the people of the village were suspicious. And the people around Rajender Prasad's house were finding it difficult to live because of the stench. There was a lot of noise in the village. Someone from the village called the police and after some time the police arrived. After the arrival of the police, the entire house of Rajender Prasad was searched and then during the search, the policemen found the corpse buried in the house.

जब लाश को घर से बाहर निकाला गया और घर के आँगन में लाके रखा गया तो गांव के सभी लोग हैरान रह गए। लाश के छोटे छोटे टुकड़े करके एक बैग में भर रखा था। लाश को देखकर कुछ लोग बेहोश भी होगये थे। पुरे गांव में ख़ामोशी का माहौल हो गया था। 
When the corpse was taken out of the house and kept in the courtyard of the house, all the people of the village were shocked. The corpse was cut into small pieces and kept in a bag. Some people fainted after seeing the corpse. There was an atmosphere of silence in the entire village.

लाश मिलने के बाद जब पुलिस ने उसके घर के लोगो से पूछना शुरू किया तो किसी को भी कुछ भी नहीं पता था। घर के सभी लोग वही पर थे। पर राजेंदर प्रसाद नहीं था। इससे पुलिस वालो का शक राजेंदर पर गया तो फिर पुलिस ने राजेंदर प्रसाद को ढूंढ़ना शुरू कर दिया। लालबाबू की बीवी वही पर थी पर उसने किसी को भी उस समय कुछ नहीं बताया। राजेंदर का वहाँ पर नहीं  होने से सब का शक उसी पर गया। सबने उसे ढूंढ़ना शुरु कर दिया। पर उस समय राजेंदर वहा नहीं मिला और कुछ दिनों तक जब राजेंदर घर नहीं आया तो सब को यकीन हो गया की ये काम उसी ने किया है।
After finding the corpse, when the police started asking the people of his house, nobody knew anything. All the people of the house were there. But Rajender Prasad was not there. Due to this the suspicion of the policemen went to Rajender, then the police started searching for Rajender Prasad. Lalbabu's wife was there but she did not tell anyone anything at that time. Everyone suspected that Rajender was not there. Everyone started searching for him. But at that time Rajendar could not be found there and for a few days when Rajender did not come home, everyone was convinced that he had done this work. 

लाश मिलने के बाद लाश को हिन्दू धरम के मुताबिक जलाया गया। और गांव  वालो के साथ मिलकर उसके घर के दूसरे लोगो ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद भी कुछ दिनों तक गांव में बदबू आती रही थी। और पुरे गांव में एक सनाटा सा छाया हुआ था। 
After the corpse was found, the corpse was burnt according to Hinduism. And along with the villagers, the other people of his house cremated the corpse. Even after this, the village continued to smell for a few days. And there was a shadow in the whole village.
  
लगभग 1 महीने बाद राजेंदर प्रसाद पुलिस वालो को मिल गया। पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल में डाल दिया  बात कोट में चली गयी और उसे 14 साल की सजा हो गयी। 
About 1 month later Rajendra Prasad was found by the policemen. The police caught him and put him in jail. The matter went to coat and he was sentenced to 14 years.

फ़िलहाल 14 साल की सजा काट के राजेंदर प्रसाद वापस आ गया है ।और उसी घर में अपने बाकी लोगो के साथ रहता है। और लालबाबू की बीवी ने वो गांव उसी समय छोड़ दिया था। और अपने गांव किसनी पट्टी में अपने एक बच्चे के साथ रहती है। 
Currently Rajender Prasad is back after serving a 14-year sentence and lives in the same house with the rest of his people. And Lalbabu's wife left that village at that time. And lives in his village Kisani Patti with one of his children.

ये पूरी कहानी सच्ची है।  इस घटना के सारे सबूत बिहार के मधुबनी जिले के फुलपरास पुलिस चौकी में  ऑन रिकॉर्ड है। 
This whole story is true. All the evidence of this incident is on record at Phulparas police post in Madhubani district of Bihar.


धन्यवाद 
Thanks
First Part

Wednesday, 8 April 2020

COVID-19 Hindi Artical

April 08, 2020 1
सामाजिक दूरी बनाए रखें। 

सभी देशवासियो से निवेदन है की कोरोना वायरस के माहौल मे देश मे एकता बनाए रखे और सामाजिक दुरी बनाये रखे। इसमें आपका, आपके परिवार का आपसे जुड़े हुए सभी लोगो का स्वास्थय ठीक रहेगा। 



नियमो का पालन करे ओर कोरोना वायरस से लड़ने में देश की मदत करे।  
धन्यवाद 
🙏

Monday, 6 April 2020

What to write what to say

April 06, 2020 0

What to write what to say

What to write what to say.
The truth of life is also strange.
  It is important to go home when you are out of the house.
It is important to go out when we are at home.
What will you do in a human life
You must also stay at home and go out.
No one could understand this game of nature.
Man is not able to understand something like rules
What to write, what to say.
The truth of life is also very strange.
After a few moments I can sit peacefully after work.
After sitting on it, I think what will happen tomorrow.
Thinking about what will happen tomorrow god.
You can never sit quietly a person.
What to write, what to say.
The truth of life is also very strange.
You must also stay at home; it is important to go outside.


☺☺☺
Thanks

क्या लिखू क्या बोलूं

April 06, 2020 1

क्या लिखू क्या बोलूं 


क्या लिखू क्या बोलूं। 
ज़िंदगी की सचाई भी अजीब है। 
  घर से  बाहर होते है तब घर जाना जरुरी है।  
घर में होते है तब बाहर जाना जरुरी है। 
क्या करेगा ए इन्सान ज़िंदगी में तू। 
तुझे तो घर में रहना भी जरुरी है और बाहर जाना भी जरुरी है।  
समझ पाया नहीं कोई कुदरत के इस खेल को। 
नियम ही है कुछ ऐसे की समझ पाया नहीं इन्सान।  
क्या लिखू क्या बोलू। 
ज़िंदगी की सचाई भी बहुत अजीब है। 
कुछ पल सोचा चैन से बैठ जाऊं काम करने के बाद
पर बैठने के बाद सोचता हूं कल क्या होगा भगवान। 
कल क्या होगा भगवान ये सोचकर। 
तू कभी चैन से बैठ नहीं सकता  ए इन्सान।  
क्या लिखू क्या बोलू।  
ज़िंदगी की सचाई भी बहुत अजीब है। 
तुझे तो घर में रहना भी जरुरी है बाहार जाना भी जरुरी है।
☺☺☺
धन्यवाद 

COVID -19

April 06, 2020 0

Keep Maintain Social Distance


All the citizens are requested to maintain unity in the country in the atmosphere of Corona virus and maintain social distance. In this, the health of all of you, your family members related to you will be fine.

Follow the rules and help the country in fighting the corona virus.

Thanks
🙏

Saturday, 4 April 2020

COVID 19

April 04, 2020 0



Amaya Story is requesting all of you countrymen. All of us should respect the decision issued by the government. In this campaign run by the government, all of us in the country should fight together against the corona virus. And we should stay at home and follow the rules for the betterment of ourselves and our family.


Corona virus is a very big problem at the moment. And we all should try to get together to overcome this problem.

🙏          
THANK YOU

COVID 19 Hindi Artical

April 04, 2020 0
  
आप सभी देश वाशियो को अमाया स्टोरी की तरफ से निवेदन है की। हम सभी को सरकार द्वारा जारी किए हुए फैसले का सम्मान करना चाहिए । सरकार द्वारा चलाये गए इस  मुहीम में हम सभी देश वाशियो को कोरोना वायरस के खिलाफ एक साथ लड़ना चाहिए। और हमें अपने और अपनी परिवार की भलाई के लिए घर पर रहकर नियमो का पालन करना चाहिए।  
कोरोना वायरस इस समय  विशव बहुत बड़ी समस्या है। ओर हम सभी को एक साथ मिलकर इस समस्या को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। 👪



🙏    
धन्यवाद् 

Thursday, 2 April 2020

A Dad Killed Son (Real Life Story)

April 02, 2020 0
एक पिता ने बेटे को मार डाला (वास्तविक जीवन की कहानी)
A Dad Killed Son (Real Life Story)
2003

हेलो दोस्तो, मेरा नाम धर्मेंदर साहनी है।  
Hello Friends, My Name Is Dharmender Sahni.

आज मै  आपको लेके चलता हूं साल 2003 में जहा एक पिता ने अपने बड़े बेटे की पत्नी के साथ नाजायज़ सम्बन्ध बनाने के लिए अपने बेटे को जान से मार दिया। ये कहानी बिल्कुल सच्ची घटनाओं पर आधारित है।
Today I will take you with me in the year 2003 where a father killed his son for having an illegal relationship with his elder son's wife. This story is based on true events.
साल 2003 की बात है।  बिहार राज्य मे मधुबनी जिले के सुर्याही गांव मे एक परिवार रहता था। परिवार के मुखिया का नाम राजेन्दर प्रसाद था। जिसके 7 बेटे और 1 बेटी थी। परिवार की आर्थिक व्यवस्था अच्छी थी। जिसके करण परिवार का गुजारा अच्छे से चल जाता था।
The year was 2003. A family lived in Suryahi village of Madhubani district in the state of Bihar. The name of the head of the family was Rajendra Prasad. He had 7 sons and 1 daughter. The family's financial system was good. Due to which the family was well maintained.
  
साल 2002 में राजेन्दर प्रसाद ने अपने बड़े बेटे लाल बाबू की शादी  किसनी पटी गांव बिहार मे बहुत अच्छे से की थी। समाज के सारे नियम के साथ ओर सारे रीती रिवाजो का पालन करके शादी हुई  थी। शादी के कुछ महीनो तक सब कुछ बहुत अच्छे से चला परिवार के सभी लोग बहुत खुश थे। जैसे जैसे समय बीतता गया परिवार में कुछ आर्थिक परेशानिया शुरू हो गयी परिवार की आर्थिक समस्या को देखते हुए लाल बाबू ने, पैसो की जरुरत के कारण पंजाब जाके काम करने के बारे में सोचा। शादी से पहले भी लाल बाबू कई बार पंजाब काम करने के लिए जा चूका था।
In the year 2002, Rajendra Prasad married his elder son Lal Babu in Kisani Pati village Bihar very well. Married following all the rules of society and following all customs. Everything went very well until a few months after the wedding, all the family members were very happy. As time went on, some financial problems started in the family. Looking at the financial problems of the family, Lal Babu thought of going to Punjab due to need of money. Even before marriage, Lal Babu had gone to Punjab to work many times.

 शादी के लगभग 3 महीने ही बीते थे लालबाबू काम के लिए पंजाब चला गया। कुछ समय बीत  गया राजेंदर प्रसाद गांव में रहकर ही अपना खर्चा चलाता  था।  राजेंदर प्रसाद के बाकि बेटो को परिवार से कोई खास मतलब नहीं रहता था। शहर में काम करने के कुछ महीनो बाद लालबाबू शहर से वापस आ गया।  उसके शहर से वापस आने के बाद  दोनों पति पतनी में रोज़ रोज़ लड़ाई होने लगी छोटी छोटी बातो पर एक दूसरे से नाराज होने लगे ।
  About 3 months after marriage, Lalbabu went to Punjab for work. After some time Rajender Prasad used to spend his expenses only by staying in the village. The other sons of Rajendra Prasad did not mean much to the family. A few months after working in the city, Lalbabu returned from the city. After her return from the city, both the husband wife started getting angry with each other over small things that started fighting every day.

लालबाबू की अपने पिता के साथ भी पैसो को लेकर झगड़े होने शुरू हो गये। लालबाबू ओर राजेंदर प्रसाद के बिच बात इतनी बढ़ गयी की परिवार से अलग होने की बात शुरू हो गयी।  लालबाबू  इन झगड़ो से परेशान होके  एक दिन अपनी पत्नी के साथ वापस शहर जाने का फैशला कर लिया। लालबाबू की पत्नी ने शहर ना जाके गांव में ही अलग होकर रहने के लिए कहा।  पर लालबाबू ने अपनी पत्नी की कोई भी बात नहीं मानी।
Lalbabu's quarrels with his father also started with money. The talk between Lalbabu and Rajender Prasad increased so much that the talk of separation from the family started. Lalbabu, troubled by these quarrels, decided to go back to the city with his wife one day. Lalbabu's wife asked not to leave the city and stay in the village. But Lalbabu did not listen to his wife. 
 ओर एक दिन रेलवे स्टेशन जाके अपनी और अपनी बीवी की पंजाब जाने की टिकट ले आया। और शहर जाने की तयारी करने लगा।  लालबाबू को किसी भी तरह का कोई अंदाज़ा नहीं था की उसके पीठ पीछे क्या हो रहा था और उसके साथ क्या होने वाला था।
  And one day he went to the railway station and brought his and his wife's ticket to Punjab. And started preparing to go to the city. Lalbabu had no idea what was happening behind his back and what was going to happen to him.

शहर जाने से एक दिन पहले जब रात के समय लालबाबू खाना खा के रोज़ की तरह सोने के लिए चला गया।
  One day before going to the city, Lalbabu went to sleep as usual after having dinner.

काली रात
Black Night
 लालबाबू रात को सो रहा था।  कुछ देर बाद घर का काम खतम करके उसकी बीवी भी सोने के लिए आ गयी। समय लगभग रात के 11 :30 हो रहे थे। जब उसकी बीवी सोने के लिए आयी तो लालबाबू गहरी नींद मे  सो रहा था।  उसकी बीवी का शहर जाने का बिलकुल भी मन नहीं था।
Lalbabu was sleeping at night. After some time, after finishing the housework, his wife also came to sleep. The time was almost getting past 11:30. When his wife came to sleep, Lalbabu was fast asleep. His wife did not mind going to the city at all.

अचनाक कुछ देर बाद राजेंदर प्रसाद उनके कमरे में आ गया। उसके हाथ में एक बैग था ओर उसमे कुछ हथ्यार थे जैसे की कुल्हाड़ी चाकू तलवार आदि ओर इन सब बातो का पता लालबाबू की बीवी को पहले से था। दोनों ने मिलकर पहले से ही सारी योजना बना रखी थी।  उन दोनों ने मिलकर लालबाबू को जान से मारने का विचार बना रखा था। 
After a while, Rajender Prasad comes to his room. He had a bag in his hand and some weapons in it like axe knife, sword etc. And all these things were already known to Lalbabu's wife. Together, the two had already made all the plans. Together, both of them had the idea of ​​killing Lalbabu.

गहरी नींद में सो रहे लालबाबू  को उसके पिता ने जान से मारने के लिए सबसे पहला वार तलवार से गले पर किया। तलवार लगते ही लालबाबू  आधे कटे हुए गर्दन के साथ तड़पने लगा, गहरी नींद में होने के कारण  लालबाबू को कुछ भी पता नहीं लगा।
In order to kill Lalbabu, who was sleeping deeply, his father first stabbed him with a sword on his neck. As soon as the sword struck, Lalbabu started to suffer with half-cut neck, being in deep sleep, Lalbabu did not know anything.

तड़पते हुए लालबाबू को उसके पिता ने धीरे धीरे उसके शरीर के 100 से ज्यादा टुकड़े करके एक बैग में भर लिया । और उसी घर में 10 फ़ीट निचे गढा करके दफना दिया।  कमरे में जहा जहा भी खून के निशान थे सारे निशान रात भर में ही साफ़ कर दिए। मिटटी ओर  घास फूस के घर होने के कारण  लाश को तफनाने में और घर को साफ़ करने में उनको ज्यादा समय नहीं लगा रात भर में ही दोनों ने मिलकर सारा घर साफ़ कर दिया और सुबह होने से पहले दोनों अलग अलग हो गए।
While suffering, Lalbabu slowly stuffed more than 100 pieces of his body into a bag. And buried 10 feet down in the same house. Wherever there were marks of blood in the room, all the marks were cleared overnight. Due to the soil and grass pallet house, it did not take much time for them to tamp the corpse and clean the house, in the night, together they cleaned the whole house and before dawn they both separated.  


अगले दिन सुबह। ........Next Day Morning.......

Second Part

  

Wednesday, 1 April 2020

A Story Of Pain (Collage Life)

April 01, 2020 1
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम धर्मेंदर साहनी है। 
Hello Friends, My Name Is Dharmender Sahni.



इस कहानी मे मै आपको अपनी कॉलेज लाइफ के बारे मे बताना चाहता हूं। मैने जब 2009 मे अपनी 12th की पढाई पूरी करने के  बाद कॉलेज मे एड्मिशन लेने की कोशिश की थी। तब मुझे एड्मिशन लेने मे बहुत ज्यादा परेशानी हुई।
 In this story I want to tell you about my college life. When I tried to take admission in the college after completing my 12th studies in 2009. Then I had a lot of trouble taking admissions.  

Start Third Part.. 
कॉलेज लाइफ (Collage Life)
My First Collge (2010)

गुप्ता कॉलेज जैकबपुरा गुडगाँव मे  मैने पहली बार एड्मिशन लिया था।  इस कॉलेज में मैने कॉमर्स सेक्शन लिया हुआ था। ओपन बोर्ड होने के कारण  ज्यादातर पढाई मे परेशनी होती थी। लगभग 2 महीने कॉलेज मे बिताने के बाद अचानक मुझे पता लगा की कॉलेज मे उस साल होने वाले सारे पेपर कैंसिल हो गए। जिसके कारण मै बहुत ज्यादा परेशान हो गया ओर मेरा साल खराब ना हो इसलिए मैंने दूसरे कॉलेज मे एड्मिशन लेने की कोशिश करने लगा।
I took admission for the first time at Gupta College Jacobpura, Gurgaon. I had a commerce section in this college. Being an open board, most of the studies were disturbing. After spending almost 2 months in college, suddenly I came to know that all the papers in college that year were canceled. Due to which I got very upset and my year was not spoiled, so I started trying to get admission in other college.


My Second College (2010)

द्रोणाचार्य कॉलेज गुडगाँव इस कॉलेज में मैंने बहुत मुश्किल से एड्मिशन लिया था। कॉलेज मे मुझे एड्मिशन मिल तो गया पर मेरा फ्रेंड सर्कल ठीक ना होने के कारण मै हमेशा कॉलेज के बाहर रहता था। दोस्तो के साथ घूमना, क्लास बंक मार के पार्क मे बैठना, घर से निकल के कॉलेज नही जाना। दोस्तो के साथ फिल्म देखने जाना और  इसी साल मेरे पापा ने मुझे मेरी पहली बाइक दिलाई थी। (Hero Honda Super Splender) बाइक आने के बाद मै ओर भी पढाई से दूर होता चला गया। आखिर मे साल खतम होते होते मेरा कॉलेज भी छूट गया।
Dronacharya College Gurgaon I took admission in this college very rarely. I got admission in college, but I was always outside college because my friend circle was not good. Hanging out with friends, sitting in the park after class bunking, not leaving home and going to college. Going to watch a film with friends and this year my father got me my first bike. (Hero Honda Super Splender) After the arrival of the bike, I also went away from studies. Finally, by the end of the year, my college was also missed.

My Third College (2010)

इंद्रा गाँधी ओपन यूनिवर्सिटी साउथ एक्सेटेंशन दिल्ली। आखिर साल खतम हो गया था। घर पर जवाब भी देना था।  इस कारण मैने सर्टिफिकेट लेने के लिए दिल्ली मे किसी एजेंट से बात करके सारी सेटिंग कर रखी थी। पर 2 महीने वहां भी जाने के बाद मैंने वो कॉलेज भी छोड़ दिया। इन सब काम मे मेरे काफी ज्यादा पैसे खराब हुए। ओर मेरा कॉलेज ड्राप हो गया।

Indra Gandhi Open University South Extension Delhi. The year was finally over. Had to answer at home too. For this reason, I had set up the entire setting after talking to an agent in Delhi to get a certificate. But after leaving for 2 months there, I left that college too. In all these things, my money was lost. And my college got dropped.
           
धन्यवाद 
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A Story Of Pain Next Parts..
  • बचपन लाइफ 
  • Childhood life
  • स्कूल लाइफ
  • School Life 
  • लव लाइफ
  • Love Life
  • जॉब लाइफ
  • Job Life  
  • फर्स्ट मैरिज
  • First Marrige  
  • सैकंड मैरिज
  • Second Marrige   
  • बिज़नेस लाइफ
  • Business Life 
  • थर्ड मैरिज
  • Third Marrige
  • पुलिस केस
  • Police Case 
  • बिज़नेस लाइफ लोस एक करोड़
  • Business Life Loss 10 Million 
  • डिप्रेशन लाइफ
  • Depression Life 
  • माय वेलविशर माय फ्रेंड 
  • My Wellwisher My Friend
  • बिज़नेस लाइफ अगेन एंड प्रॉफिट एक करोड़+
  • Business Life Again and Profit 10 million +