Saturday, 11 April 2020

A Dad Killed Son ( Real Life Story) End

एक पिता ने बेटे को मार डाला (वास्तविक जीवन की कहानी)

A Dad Killed Son (Real Life Story) End

2003


हेलो दोस्तो, मेरा नाम धर्मेंदर साहनी है।  
Hello Friends, My Name Is Dharmender Sahni.

कहानी का दूसरा भाग 
Second part of the story

अगले दिन जब सुबह हुई तो दुपहर तक सब कुछ ठीक था। किसी को भी कोई शक नहीं हुआ था। पर शाम होने के बाद जब घर के दूसरे लोगो ने लालबाबू को ढूंढ़ना शुरू किया तो वो कही भी नहीं मिला। उसकी  पत्नी के पूछे जाने पर उसने कहा की वो पंजाब वापस चला गया है। पत्नी कहे जाने पर सब ने इस बात को मान
लिया और लालबाबू को ढूंढ़ना बंद कर दिया। 
The next day when it was morning everything was fine till afternoon. Nobody had any doubt. But after evening, when other people of the house started searching for Lalbabu, he could not find it anywhere. On being asked by his wife, he said that he has gone back to Punjab. After being called wife, everyone accepted this and stopped searching for Lalbabu. 
ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। पर कुछ दिनों बाद जब घर में बदबू आनी शुरू हो गयी। आस पास के दूसरे घर वालो को बदबू आने लगी तो लोगो ने पूछना शुरु कर दिया की बदबू कहा से आरही है।  पूछे जाने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बदबू तेज होने के कारण वो दोनों बहुत घबरा गए। और फिर उन्होंने एक रात को उस लाश को निकाल के किसी और जगह ले जाने की सोची।
A few days passed like this. But after a few days when the house started smelling bad. When people around the other house started smelling bad, people started asking that where the smell is from. He did not reply when asked. Due to the stench, both of them got very nervous. And then they thought of taking the corpse to another place one night.

 एक रात को उन लोगो ने मिलके लाश निकाल लिया और उस लाश को घर से दूर किसी दूसरे खेत में गाड़ने के लिए चले गए पर रात को वो दोनों दो तीन जगह पर लाश को गाड़ने की कोशिश की पर कोई न कोई उनको खेत में दिखाई दे जाता था। उसके कारण वो लोग कही भी लाश को नहीं गाड़ सके और उस लाश को वापस घर लेके आगये। और सुबह होने से पहले वापस घर में लाश को गाड़ दिया। 
One night those people got the corpse out and went to bury the corpse away from the house in another field, but in the night they both tried to bury the corpse in two or three places but they were seen in the field. used to go. Because of that, they could not bury the corpse anywhere and set the corpse back home and set it on fire. And before dawn, he buried the corpse back in the house.

अगले दिन जब बदबू काफी ज्यादा होने लगी तो गांव के लोगो को शक हुआ। और राजेंदर प्रसाद के घर के आस पास के लोगो का बदबू के कारण रहना मुश्किल हो रहा था। गांव में बहुत शोर हो गया था। गांव में से ही किसी ने पुलिस को फ़ोन कर दिया फ़ोन करने के कुछ देर बाद पुलिस आ गयी। पुलिस के आने के बाद राजेंदर प्रसाद के पुरे घर की तलाशी ली गयी और फिर तलाशी के दौरान पुलिस वालो को घर में दबाई हुए लाश मिल गयी।
The next day, when the stench started getting too much, the people of the village were suspicious. And the people around Rajender Prasad's house were finding it difficult to live because of the stench. There was a lot of noise in the village. Someone from the village called the police and after some time the police arrived. After the arrival of the police, the entire house of Rajender Prasad was searched and then during the search, the policemen found the corpse buried in the house.

जब लाश को घर से बाहर निकाला गया और घर के आँगन में लाके रखा गया तो गांव के सभी लोग हैरान रह गए। लाश के छोटे छोटे टुकड़े करके एक बैग में भर रखा था। लाश को देखकर कुछ लोग बेहोश भी होगये थे। पुरे गांव में ख़ामोशी का माहौल हो गया था। 
When the corpse was taken out of the house and kept in the courtyard of the house, all the people of the village were shocked. The corpse was cut into small pieces and kept in a bag. Some people fainted after seeing the corpse. There was an atmosphere of silence in the entire village.

लाश मिलने के बाद जब पुलिस ने उसके घर के लोगो से पूछना शुरू किया तो किसी को भी कुछ भी नहीं पता था। घर के सभी लोग वही पर थे। पर राजेंदर प्रसाद नहीं था। इससे पुलिस वालो का शक राजेंदर पर गया तो फिर पुलिस ने राजेंदर प्रसाद को ढूंढ़ना शुरू कर दिया। लालबाबू की बीवी वही पर थी पर उसने किसी को भी उस समय कुछ नहीं बताया। राजेंदर का वहाँ पर नहीं  होने से सब का शक उसी पर गया। सबने उसे ढूंढ़ना शुरु कर दिया। पर उस समय राजेंदर वहा नहीं मिला और कुछ दिनों तक जब राजेंदर घर नहीं आया तो सब को यकीन हो गया की ये काम उसी ने किया है।
After finding the corpse, when the police started asking the people of his house, nobody knew anything. All the people of the house were there. But Rajender Prasad was not there. Due to this the suspicion of the policemen went to Rajender, then the police started searching for Rajender Prasad. Lalbabu's wife was there but she did not tell anyone anything at that time. Everyone suspected that Rajender was not there. Everyone started searching for him. But at that time Rajendar could not be found there and for a few days when Rajender did not come home, everyone was convinced that he had done this work. 

लाश मिलने के बाद लाश को हिन्दू धरम के मुताबिक जलाया गया। और गांव  वालो के साथ मिलकर उसके घर के दूसरे लोगो ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद भी कुछ दिनों तक गांव में बदबू आती रही थी। और पुरे गांव में एक सनाटा सा छाया हुआ था। 
After the corpse was found, the corpse was burnt according to Hinduism. And along with the villagers, the other people of his house cremated the corpse. Even after this, the village continued to smell for a few days. And there was a shadow in the whole village.
  
लगभग 1 महीने बाद राजेंदर प्रसाद पुलिस वालो को मिल गया। पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल में डाल दिया  बात कोट में चली गयी और उसे 14 साल की सजा हो गयी। 
About 1 month later Rajendra Prasad was found by the policemen. The police caught him and put him in jail. The matter went to coat and he was sentenced to 14 years.

फ़िलहाल 14 साल की सजा काट के राजेंदर प्रसाद वापस आ गया है ।और उसी घर में अपने बाकी लोगो के साथ रहता है। और लालबाबू की बीवी ने वो गांव उसी समय छोड़ दिया था। और अपने गांव किसनी पट्टी में अपने एक बच्चे के साथ रहती है। 
Currently Rajender Prasad is back after serving a 14-year sentence and lives in the same house with the rest of his people. And Lalbabu's wife left that village at that time. And lives in his village Kisani Patti with one of his children.

ये पूरी कहानी सच्ची है।  इस घटना के सारे सबूत बिहार के मधुबनी जिले के फुलपरास पुलिस चौकी में  ऑन रिकॉर्ड है। 
This whole story is true. All the evidence of this incident is on record at Phulparas police post in Madhubani district of Bihar.


धन्यवाद 
Thanks
First Part

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